मलेरिया पर निर्णायक प्रहार जारी, एक भी मृत्यु न हो यही हमारा लक्ष्य: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

मलेरिया पर निर्णायक प्रहार जारी, एक भी मृत्यु न हो यही हमारा लक्ष्य: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

  • मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से 34 लाख से अधिक लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच
  • प्रदेश में एनॉलॉग पनीर पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
  • बस्तर में मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60% से घटकर 0.48% पर पहुंची

रायपुर। प्रदेश सरकार दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। रायपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मलेरिया नियंत्रण एवं उन्मूलन के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है और "मलेरिया से एक भी मृत्यु न हो, यही हमारा मुख्य लक्ष्य है।"

​स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बस्तर अंचल में संचालित 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' के बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस अभियान के तहत लक्षित आबादी के लगभग 99 प्रतिशत—यानी 34.29 लाख से अधिक नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। जांच के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग और मुख कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान कर समय पर उपचार शुरू किया गया। अभियान के तहत 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया, वहीं 10,938 उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया गया।

​मलेरिया नियंत्रण में बड़ी सफलता

​स्वास्थ्य मंत्री ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि रणनीतिक कार्ययोजना और जनसहभागिता के बल पर बस्तर संभाग की मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत पर आ गई है। इसके अलावा राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) भी 5.21 से घटकर 0.90 पर पहुंच गया है। वर्तमान में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन और मैदानी अमला गांव-गांव जाकर जांच, उपचार और जागरूकता अभियान चला रहे हैं।

​एनॉलॉग पनीर पर लगेगा प्रभावी प्रतिबंध

​खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में एनॉलॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और मानकों के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​स्वास्थ्य क्षेत्र की अन्य प्रमुख उपलब्धियां:

  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य: बीते ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव सम्पन्न कराए गए हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और उपचार जारी है।
  • 375 नई '108 संजीवनी एक्सप्रेस': आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए 375 नई एम्बुलेंस संचालित की गई हैं। जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 6.50 लाख से अधिक नागरिकों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
  • 1,051 संस्थानों में पैथोलॉजी जांच: HLL Lifecare Limited के सहयोग से 'हब एंड स्पोक' मॉडल पर राज्य के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक और आईटी-आधारित पैथोलॉजी जांच सेवाएं दी जा रही हैं।
  • सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल कोर्स: प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और अस्पतालों को कुशल तकनीकी स्टाफ उपलब्ध होगा।