जशपुर में चिकित्सा शिक्षा का ऐतिहासिक सफर शुरू: पहले सत्र में 41 विद्यार्थियों ने एमबीबीएस में लिया प्रवेश

जशपुरनगर, 12 सितंबर 2026 — आदिवासी बहुल जशपुर जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से चिकित्सा शिक्षा का नया अध्याय शुरू हो गया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया के पहले चरण में 41 नीट क्वालिफाइड विद्यार्थियों ने प्रवेश ले लिया है, जबकि दूसरे चरण की प्रक्रिया अभी जारी है। निर्धारित 50 सीटों में से 42 सीटें राज्य कोटा, 7 सीटें केंद्रीय कोटा और 1 सीट सेंट्रल पूल के तहत भरी जानी हैं।

झारगांव पॉलीटेक्निक कॉलेज में अस्थायी संचालन
स्थायी भवन के निर्माण तक शैक्षणिक गतिविधियां झारगांव स्थित पॉलीटेक्निक कॉलेज भवन में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत चलाई जा रही हैं। यहां छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास और जिला चिकित्सालय में व्यावहारिक अध्ययन की पूरी व्यवस्था की गई है। प्रशासनिक कार्यालय जिला चिकित्सालय के समीप निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर अस्पताल भवन में संचालित होगा। इसके अलावा कॉलेज के लिए प्रोफेसर के 14, एसोसिएट प्रोफेसर के 20 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 25 पदों समेत अन्य जरूरी पदों की स्वीकृति मिल चुकी है।

चराईडांड में बनेगा 359 करोड़ का स्थायी परिसर
कुनकुरी के चराईडांड में 359 करोड़ रुपये की लागत से नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के स्थायी भवन और 220 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इसके पूरा होने से न केवल स्थानीय विद्यार्थियों को डॉक्टर बनने के सुनहरे अवसर मिलेंगे, बल्कि पूरे संभाग को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी सुधार
जिले में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है:
- सत्य साईं मातृ-शिशु अस्पताल: फरसाबहार क्षेत्र में निर्माण कार्य प्रगति पर।
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य यूनिट: गिनाबहार में 50 बिस्तरों की क्षमता वाली यूनिट का निर्माण जारी।
- अन्य संस्थान: जिले में नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और नेचुरोपैथी सेंटर भी बनाए जा रहे हैं।
- आपातकालीन सेवाएं: संजीवनी एंबुलेंस की संख्या में पर्याप्त बढ़ोतरी की गई है।

