रायगढ़ में 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर बड़ी ठगी: रिटायर्ड बिजली अधिकारी से ठगे ₹37 लाख
TRAI और CBI अधिकारी बनकर डराया; साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर ₹2 लाख कराए होल्ड
रायगढ़ | 19 फरवरी 2026 जिले में साइबर ठगों ने एक बार फिर खौफ का जाल बुनकर एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को अपना शिकार बनाया है। विद्युत विभाग के एक रिटायर्ड सुपरवाइजर को 'डिजिटल अरेस्ट' की धमकी देकर ठगों ने उनके जीवन भर की कमाई से ₹36,97,117 पार कर दिए। हालांकि, साइबर थाना पुलिस ने रिपोर्ट मिलते ही तत्परता दिखाते हुए ₹2 लाख की राशि ठगों के खातों में होल्ड (फ्रिज) करा दी है।
ठगी का फिल्मी जाल: TRAI से लेकर IPS तक के फर्जी कॉल
घटना की शुरुआत 14 जनवरी को हुई, जब पीड़ित के पास एक महिला का कॉल आया। ठगी का क्रम इस प्रकार चला:
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पहला चरण: खुद को TRAI अधिकारी बताकर महिला ने कहा कि पीड़ित की आईडी से लिए गए मोबाइल नंबर का गलत इस्तेमाल हो रहा है।
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दूसरा चरण: कॉल को दिल्ली के फर्जी पुलिस अधिकारियों से कनेक्ट किया गया, जिन्होंने पीड़ित को 'मनी लॉन्ड्रिंग' केस में फंसाने की धमकी दी।
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तीसरा चरण: एक फर्जी IPS अधिकारी (नीरज ठाकुर) ने वीडियो कॉल किया और पीड़ित को 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर घंटों कैमरे के सामने रहने को मजबूर किया।
दबाव में आकर 12 दिनों में किए कई ट्रांजेक्शन
ठगों ने जांच के नाम पर पीड़ित की सारी वित्तीय जानकारी ली और विश्वास दिलाया कि जांच के बाद पैसे वापस कर दिए जाएंगे। डर के मारे पीड़ित ने 30 जनवरी से 11 फरवरी के बीच कुल ₹36.97 लाख ठगों के अलग-अलग खातों में जमा कर दिए। परिजनों को पता चलने पर 17 फरवरी को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
एसएसपी रायगढ़ की चेतावनी: "सतर्क रहें, डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानून नहीं"
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह ने इस मामले पर कड़ा संदेश जारी करते हुए कहा है:
"पुलिस, CBI, ED या कोई भी सरकारी एजेंसी कभी भी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करती और न ही पैसे मांगती है। 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है, यह पूरी तरह साइबर ठगी है।"
बचाव के लिए क्या करें?
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तुरंत रिपोर्ट करें: यदि ठगी होती है, तो गोल्डन ऑवर (पहले 1-2 घंटे) के भीतर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या
पर शिकायत करें। -
अनजान कॉल पर विश्वास न करें: कोई भी जांच एजेंसी बैंक डिटेल या पैसे ट्रांसफर करने की बात नहीं करती।
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डरें नहीं: धमकी मिलने पर कॉल काटें और अपने परिजनों या नजदीकी थाने को सूचित करें।





















