सावधान! हाईकोर्ट के नाम पर फर्जी 'अश्लील वीडियो' वाला नोटिस भेज रहे ठग, पुलिस ने दी चेतावनी
बिलासपुर/रायपुर: छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और डरावना तरीका निकाला है। ठग अब सीधे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (High Court) और क्राइम ब्रांच के नाम का फर्जी लेटरहेड इस्तेमाल कर आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक नोटिस में दावा किया जा रहा है कि यूजर को 'गूगल क्रोम पर अश्लील वीडियो' देखने के अपराध में दोषी पाया गया है।

क्या है पूरा मामला?
वायरल हो रहे इस पीले रंग के फर्जी पत्र में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बोदरी, बिलासपुर और क्राइम ब्रांच रायपुर का नाम लिखा है। पत्र में लिखा गया है कि यूजर के जीमेल अकाउंट से बार-बार प्रतिबंधित वीडियो देखे जा रहे हैं, जो भारत सरकार के नियमों का उल्लंघन है। इतना ही नहीं, इसमें डराने के लिए 1 साल की सजा, 2 लाख रुपये का जुर्माना और सरकारी नौकरी से निलंबन जैसी धमकियां भी दी गई हैं।
फर्जीवाड़े की पहचान कैसे करें?
छत्तीसगढ़ पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने इस पत्र को पूरी तरह से फर्जी करार दिया है। पत्र में कई ऐसी गलतियां हैं जो इसकी सच्चाई खोलती हैं:
भाषा और वर्तनी: पत्र की हिंदी व्याकरण की दृष्टि से बहुत खराब है।
गलत पदनाम: हाई कोर्ट कभी इस तरह का नोटिस सीधे व्हाट्सएप पर नहीं भेजता।
स्टाम्प और सील: लेटर में पुराने और असंगत रिवेन्यू स्टैम्प्स का फोटो चिपकाया गया है।
पुलिस की अपील: डरे नहीं, सूचना दें
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि:
ऐसे किसी भी नोटिस को देखकर घबराएं नहीं और न ही ठगों द्वारा मांगे गए किसी पैसे का भुगतान करें।
साइबर ठग आपको जेल भेजने का डर दिखाकर ऑनलाइन 'सेटलमेंट' के नाम पर पैसे वसूलने की कोशिश करते हैं।
यदि आपको ऐसा कोई कॉल या मैसेज आता है, तो तुरंत अपने निकटतम थाने में सूचना दें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। आपका डर ही साइबर अपराधियों की ताकत है।





















