बगीचा में मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश; बोले- "भारतीयों की आत्मिक शांति से ही थमेगा विश्व युद्ध"

बगीचा में मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश; बोले- "भारतीयों की आत्मिक शांति से ही थमेगा विश्व युद्ध"

जशपुर/बगीचा | 15 मार्च 2026 धर्मनगरी बगीचा रविवार को उस समय भक्ति के रंग में सराबोर हो उठी, जब परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी महाराज, मुनि श्री 108 संधान सागर जी महाराज और क्षुल्लक श्री 105 समादर सागर जी महाराज का ससंघ आगमन हुआ। तहसील चौक पर सकल दिगंबर जैन समाज और हजारों श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे के साथ मुनि संघ की अगवानी की।

नगर में हुआ भव्य स्वागत मुनि संघ के नगर प्रवेश के दौरान जयकारों से आकाश गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद लिया। तहसील चौक से जैन मंदिर तक निकली शोभायात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ा, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

वैश्विक शांति का मार्ग: मुनिश्री का संदेश दिगंबर जैन धर्मशाला में आयोजित विशेष प्रवचन और 'शंका समाधान' कार्यक्रम में मुनि श्री प्रमाण सागर जी ने वर्तमान वैश्विक तनाव और युद्ध की विभीषिका पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा:

"विश्व शांति का मार्ग भारत की प्राचीन आध्यात्मिक जड़ों में निहित है। यदि प्रत्येक भारतीय अपने भीतर शांति, संयम और करुणा की सामूहिक भावना जगा ले, तो बड़े से बड़े वैश्विक युद्ध को टाला जा सकता है। अहिंसा और सद्भाव ही विश्व शांति का एकमात्र मूल मंत्र है।"

जीवन दर्शन: खालीपन और संस्कारों पर समाधान मुनिश्री ने श्रद्धालुओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए जीवन के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला:

जन्मदिन की पद्धति: उन्होंने पाश्चात्य संस्कृति के बजाय भारतीय पद्धति से जन्मदिन मनाने पर जोर दिया। मंदिर में पूजन, दीप प्रज्वलन (तमसो मा ज्योतिर्गमय) और अस्पतालों में फल वितरण जैसे सेवा कार्यों से दिन की शुरुआत करने की प्रेरणा दी।

खालीपन का इलाज: उन्होंने बताया कि अकेलेपन और असंतोष से बचने के लिए व्यक्ति को रचनात्मक कार्यों, स्वाध्याय और सत्संग में स्वयं को नियोजित करना चाहिए।

माता-पिता की भूमिका: मुनिश्री ने कहा कि बच्चे के पहले 'रोल मॉडल' उनके माता-पिता होते हैं, इसलिए उन्हें स्वयं आदर्श आचरण प्रस्तुत करना चाहिए।

समाज की बड़ी पहल: पाठशाला और भूमि दान मुनिश्री के सानिध्य में बगीचा जैन समाज ने दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए:

संस्कार शाला: जैन समाज की महिलाओं ने बच्चों के लिए मंदिर प्रांगण में 'पाठशाला' प्रारंभ करने का संकल्प लिया, जिसका विधिवत शुभारंभ हुआ।

आचार्य विहार हेतु दान: विमल जैन एवं अभिषेक जैन के परिवार ने 5 डिसमिल भूमि समाज के नाम दान करने और उस पर निर्माण कराने का संकल्प लिया।

उपस्थिति इस गरिमामयी अवसर पर समाज के वरिष्ठ ओमप्रकाश जैन, रतनलाल जैन, विमल जैन, अध्यक्ष सज्जन जैन, रमेश जैन, पवन जैन, कैलाश जैन सहित गायत्री परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।