ट्रेन में गूँजा 'भारत माता की जय' का उद्घोष: भाजपा यात्रियों ने सफर के दौरान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

ट्रेन में गूँजा 'भारत माता की जय' का उद्घोष: भाजपा यात्रियों ने सफर के दौरान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मुख्य बिंदु:

  • अवसर: परम श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का बलिदान दिवस
  • आयोजन स्थल: "सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा" की चलती ट्रेन में
  • नेतृत्व: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं देवतुल्य कार्यकर्ता

विशेष समाचार:

नई दिल्ली / राष्ट्रव्यापी:

भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय निर्देशानुसार, आज "सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा" पर निकले भाजपा यात्रियों ने राष्ट्रवाद के प्रणेता और भारतीय जनसंघ के संस्थापक परम श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस को एक अनोखे और गरिमामयी अंदाज में मनाया। यात्रा पर निकले कार्यकर्ताओं ने किसी बड़े सभागार में नहीं, बल्कि चलती ट्रेन में ही पूरे श्रद्धाभाव के साथ कार्यक्रम का आयोजन कर डॉ. मुखर्जी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

​ट्रेन के कोच में आयोजित इस विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उनके 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे' के संकल्प को याद किया गया। पूरी ट्रेन 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अमर रहें' और 'भारत माता की जय' के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठी।

वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के कई आदरणीय पदाधिकारी एवं कर्मठ कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से:

  • श्री तेजेश्वरी सिंह जी
  • श्रीमती मुक्ता यादव जी
  • श्रीमती मीना चौहान जी
  • श्रीमती उर्मिला पटेल जी
  • श्री केशव पाण्डेय जी
  • श्री मोती बंजारा जी
  • श्री पंकज जायसवाल जी
  • श्री त्रिलोचन यादव जी
  • श्री नवीन यादव जी
  • श्री उमाशंकर भगत जी
  • श्री मेतरो साय जी
  • श्री हिमसागर गुप्ता जी
  • श्री मनोज गुप्ता जी
  • डॉ. बाला जी
  • श्री लक्ष्मण बंजारा जी
  • श्री मदन सिंह जी

​सहित भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

अखंड भारत के संकल्प को दोहराया

​कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के जीवन वृत्त और कश्मीर के पूर्ण विलीनीकरण के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान पर प्रकाश डाला। यात्रियों ने संकल्प लिया कि डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र प्रथम के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए वे सदैव कटिबद्ध रहेंगे। चलती ट्रेन में यात्रियों के इस राष्ट्रप्रेम और अनुशासन को देखकर सह-यात्रियों ने भी इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।