कलेक्टर रोहित व्यास ने नव संकल्प शिक्षण संस्थान का किया औचक निरीक्षण: विद्यार्थियों से जाना सुविधाओं का हाल
भोजन की गुणवत्ता और बिजली-पंखे दुरुस्त करने के कड़े निर्देश, साप्ताहिक टेस्ट पर दिया जोर
जशपुर | 9 अप्रैल 2026 जशपुर जिला प्रशासन द्वारा संचालित नव संकल्प शिक्षण संस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए कलेक्टर श्री रोहित व्यास एक्शन मोड में नजर आए। बुधवार को उन्होंने संस्थान का विस्तृत निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना।
विद्यार्थियों से सीधा संवाद और मार्गदर्शन
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सीजी पीएससी, व्यापम और सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से कोचिंग में मिल रही सुविधाओं, पढ़ाई के स्तर और हॉस्टल की व्यवस्थाओं पर चर्चा की। कलेक्टर ने शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों का हर सप्ताह साप्ताहिक टेस्ट लिया जाए और महीने के अंत में पूरे पाठ्यक्रम का मूल्यांकन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी को कोई विषय समझ न आए, तो उसका समाधान तत्काल मौके पर ही किया जाना चाहिए।
बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के निर्देश
संस्थान के बुनियादी ढांचे पर ध्यान देते हुए कलेक्टर ने क्लास रूम में खराब पड़े स्मार्ट बोर्ड को तत्काल ठीक कराने को कहा। साथ ही, हॉस्टल और कक्षाओं में बिजली-पंखों की समस्या को दूर करने के लिए आरईएस (RES) विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने हॉस्टल में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बात कही ताकि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न हो।

जिले के 180 युवाओं का भविष्य संवार रहा संस्थान
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन की इस पहल से जशपुर के दूर-दराज के बच्चों को निःशुल्क और बेहतर कोचिंग मिल रही है। वर्तमान में यहाँ कुल 180 विद्यार्थी विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, जिनमें:
-
व्यापम: 100 विद्यार्थी
-
सीजी पीएससी: 20 विद्यार्थी
-
सहायक शिक्षक भर्ती: 55 विद्यार्थी
-
अन्य सरकारी सेवाएँ: 05 विद्यार्थी
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा, आरईएस के कार्यपालन अभियंता श्री राजेश श्रीवास्तव सहित संस्थान के शिक्षकगण उपस्थित रहे। कलेक्टर ने मौके पर ही कई समस्याओं का निराकरण कर विद्यार्थियों को बेहतर परिणाम लाने के लिए प्रोत्साहित किया।





