शहादत को सलाम, हर घर तिरंगे के नाम: बीजापुर में गूंजा देशभक्ति का संदेश

शहादत को सलाम, हर घर तिरंगे के नाम: बीजापुर में गूंजा देशभक्ति का संदेश

नक्सल मुक्ति के बाद पहला स्वतंत्रता दिवस: बीजापुर में भव्य तिरंगा रैली, शहीद जवानों के परिजनों का हुआ विशेष सम्मान

रायपुर / बीजापुर:

स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत बीजापुर जिले में देशभक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। जिला मुख्यालय सहित सभी ब्लॉक मुख्यालयों में भव्य तिरंगा रैलियों का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा थामे नागरिकों के “भारत माता की जय” के नारों से पूरा बीजापुर गूंज उठा।

नक्सल मुक्ति के बाद ऐतिहासिक उत्सव

बीजापुर जिला लंबे समय तक माओवाद की छाया में रहा है। 31 मार्च 2026 को जिले के पूरी तरह 'नक्सल मुक्त' घोषित होने के बाद यह पहला स्वतंत्रता दिवस है। यही कारण है कि इस बार का राष्ट्रीय पर्व बीजापुरवासियों के लिए केवल आजादी का उत्सव नहीं, बल्कि शांति की पुनर्स्थापना और प्रगति का प्रतीक बन गया है।

शहीदों के परिजनों के द्वार पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

क्षेत्र को नक्सलवाद के दंश से मुक्त कराने के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विशेष पहल की गई।

  • सम्मान एवं भेंट: संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम और वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद जवानों के घर-घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की।

  • तिरंगा भेंट: अधिकारियों ने परिजनों को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भेंट कर उनके अमर साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

  • अधिकारियों ने कहा कि “देश और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जवानों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका यह शौर्य आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।”

जन-जन तक पहुंचा राष्ट्रप्रेम का संदेश

जिलेभर में आयोजित रैलियों में स्कूली बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने जिलेवासियों से अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने का आह्वान किया है।

अभियान का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक के मन में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करना है। इस वर्ष बीजापुर में मनाया जा रहा स्वतंत्रता दिवस शांति, स्वाभिमान और वीरों की शहादत को समर्पित एक ऐतिहासिक अवसर बन गया है।