जशपुर: कृषि क्रांति एक्सपो में उमड़ा किसानों का सैलाब; 17 बड़ी कंपनियों ने जशपुर के मिलेट्स और औषधीय फसलों में दिखाई रुचि

जशपुर: कृषि क्रांति एक्सपो में उमड़ा किसानों का सैलाब; 17 बड़ी कंपनियों ने जशपुर के मिलेट्स और औषधीय फसलों में दिखाई रुचि

200 टन मिलेट की मांग और लेमन ग्रास की कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से खुलेगी समृद्धि की राह

जशपुरनगर | 24 मार्च 2026 जिला प्रशासन जशपुर द्वारा कुनकुरी में आयोजित 'कृषि क्रांति एक्सपो' जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। एक्सपो के दूसरे दिन किसानों का भारी हुजूम उमड़ा, जहाँ आधुनिक कृषि तकनीकों और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी ने सबका ध्यान खींचा। इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आई 17 प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की और जशपुर के जैविक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक ले जाने की कार्ययोजना साझा की।

मिलेट और कटहल की भारी डिमांड

एक्सपो में जशपुर के मिलेट्स (श्री अन्न) ने धूम मचा दी है:

भोपाल के अर्पण गौर ने जिले के मिलेट उत्पादों के नमूने लिए और प्राथमिकता के आधार पर 200 टन मिलेट खरीदने की इच्छा जताई है।

बिहार (पटना) के शुभम बर्नवाल ने मिलेट के साथ-साथ जशपुर के कटहल और सरसों आधारित उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई।

महाराष्ट्र की कंपनियों ने जिले के ऑर्गेनिक (जैविक) उत्पादों की सराहना करते हुए व्यापारिक साझेदारी की पेशकश की।

हाथी प्रभावित क्षेत्रों के लिए 'पचौली और मेन्था' का विकल्प

रांची से आए विशेषज्ञों ने जिले के हाथी प्रभावित क्षेत्रों के किसानों के लिए महत्वपूर्ण समाधान पेश किए:

पचौली की खेती: इसे जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुँचाते और एक बार लगाने पर यह 5 वर्षों तक उत्पादन देती है।

मेन्था (पीपरेता): इस उन्नत किस्म की खेती से किसान सालभर में 1 लाख रुपए तक की आय अर्जित कर सकते हैं। इसे अन्य फसलों के साथ 'इंटरक्रॉपिंग' के रूप में भी उगाया जा सकता है।

औषधीय फसलों और चावल का होगा निर्यात

जशपुर की जलवायु औषधीय फसलों के लिए अनुकूल होने के कारण कंपनियों ने बड़े प्रस्ताव रखे हैं:

ग्लोबल हर्ब्स (श्रीमती रजनी गाबा): गिलोय, आंवला, सफेद मूसली, जामुन गुठली और हल्दी की मांग की। उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत के बजाय जशपुर से इन उत्पादों की आपूर्ति अधिक किफायती होगी।

राइस एक्सपोर्टर (जय प्रकाश शर्मा): जिले की आईआर-64 और स्वर्णा धान की किस्मों का अंतरराष्ट्रीय प्रयोगशाला परीक्षण कराया जाएगा, जिसके बाद इनका विदेशों में निर्यात किया जाएगा।

इसके अलावा कुसुम बीज, लाख, नागरमोथा और साल बीज की खरीदी के लिए भी कंपनियों ने सहमति जताई है।

किसानों को मिला ग्लोबल मार्केट का मंच

कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में आयोजित यह एक्सपो न केवल किसानों को बिचौलियों से मुक्त कर सीधे बाजार से जोड़ रहा है, बल्कि उन्हें मूल्य संवर्धन (Value Addition) के गुर भी सिखा रहा है। जिले के 40 लीडर किसानों ने कंपनियों के साथ सीधे संवाद कर व्यापारिक बारीकियों को समझा।

निष्कर्ष: कृषि क्रांति एक्सपो जशपुर के कृषि परिदृश्य को बदलने वाला एक ऐतिहासिक कदम साबित हो रहा है, जिससे आने वाले समय में जिले के किसानों की आय में क्रांतिकारी वृद्धि की संभावना है।