सफलता की कहानी: प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना से बदली बलदेव की तकदीर, सरसों की फसल से महका खेत
जशपुरनगर | 19 जनवरी 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप जशपुर जिले में कृषि विभाग की योजनाओं से किसानों के जीवन में खुशहाली आ रही है। जिले के बगीचा विकासखण्ड के ग्राम सुलेसा निवासी किसान बलदेव राजवाड़े के लिए प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना (नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑइल) वरदान साबित हुई है।
खाली रहने वाले खेतों में अब लहलहा रही सरसों
किसान बलदेव राजवाड़े ने बताया कि उनके पास कुल 2.512 हेक्टेयर कृषि भूमि है। पहले वे केवल खरीफ सीजन में धान की खेती कर पाते थे, लेकिन सिंचाई की पर्याप्त सुविधा न होने के कारण रबी सीजन में उनके खेत खाली रह जाते थे।
इस साल ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में उन्होंने रबी सीजन में सरसों की खेती करने का निर्णय लिया।
योजना से मिली बड़ी मदद
कृषि विभाग द्वारा बलदेव को केवल बीज ही नहीं, बल्कि खेती के लिए आवश्यक अन्य संसाधन भी उपलब्ध कराए गए:
- अनुदान पर बीज: 1 हेक्टेयर रकबे के लिए उच्च गुणवत्ता वाले सरसों के बीज।
- खाद एवं दवाई: सूक्ष्म पोषक तत्व, खाद और सुरक्षा हेतु दवाइयां प्रदान की गईं।
- तकनीकी मार्गदर्शन: विभाग के अधिकारियों ने समय-समय पर खेत का निरीक्षण कर उन्नत खेती के गुर सिखाए।
लागत में कमी और बेहतर मुनाफे की उम्मीद
बलदेव राजवाड़े का कहना है कि विभाग से मिली सहायता के कारण खेती की लागत में काफी कमी आई है। वर्तमान में उनकी फसल बहुत अच्छी स्थिति में है। उन्हें उम्मीद है कि:
- आत्मनिर्भरता: घर के लिए खाद्य तेल की बाजार पर निर्भरता कम होगी।
- आय में वृद्धि: बाजार में अच्छे दाम मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
- प्रेरणा: अब वे अन्य किसानों को भी तिलहन फसलों के उत्पादन के लिए प्रेरित कर रहे हैं ताकि जिले में खाद्य तेल के उत्पादन में आत्मनिर्भरता आए।
"मैं कृषि विभाग और सरकार का आभारी हूँ। उनकी सलाह और सहायता से मेरे खाली खेत आज पीली सरसों से लहलहा रहे हैं।"
— बलदेव राजवाड़े, प्रगतिशील किसान





