सावधान! आम की फसल पर 'मैंगो हॉपर' का खतरा: उद्यान विभाग ने जारी की एडवाइजरी, बचाव के लिए करें ये उपाय

सावधान! आम की फसल पर 'मैंगो हॉपर' का खतरा: उद्यान विभाग ने जारी की एडवाइजरी, बचाव के लिए करें ये उपाय

जशपुरनगर | 07 अप्रैल 2026 जशपुर जिले में आम की फसल में इन दिनों 'मैंगो हॉपर' (फुदका कीट) का प्रकोप देखा जा रहा है। यह कीट आम के पेड़ों, विशेषकर मंजरियों (फूलों) को भारी नुकसान पहुँचाता है, जिससे फल बनने की क्षमता कम हो जाती है। उद्यान विभाग ने किसानों को सचेत करते हुए इसके नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय साझा किए हैं।

ऐसे पहचानें कीट का प्रकोप

उद्यान विभाग के अनुसार, मैंगो हॉपर की पहचान इन लक्षणों से की जा सकती है:

कीट की मौजूदगी: मंजरियों और नई पत्तियों पर छोटे हरे व भूरे रंग के कीट दिखाई देते हैं।

चिपचिपापन: कीट पत्तियों और मंजरियों का रस चूसते हैं, जिससे वे चिपचिपी हो जाती हैं।

काली फफूंदी: चिपचिपे पदार्थ के कारण उन पर काली फफूंदी जमने लगती है।

नुकसान: इसके प्रभाव से फूल झड़ने लगते हैं और फलों की पैदावार में भारी गिरावट आती है।

नियंत्रण के लिए छिड़काव और दवाइयाँ

कीट के प्रभावी समाधान के लिए कृषक निम्नलिखित कीटनाशकों का उपयोग कर सकते हैं:

प्राकृतिक उपचार: सुबह या शाम के समय एजाडिरेक्टिन (10000 PPM) 1 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें या नीम तेल (5 से 10 मिली प्रति लीटर) का छिड़काव करें।

रासायनिक उपचार (प्रकोप अधिक होने पर):

इमिडाक्लोप्रिड: 0.3 मिली प्रति लीटर पानी।

थियामेथोक्सम: 0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी।

लैम्ब्डा-साइहेलोथिन: 1.0 मिली प्रति लीटर पानी।

नोट: 10-15 दिनों के अंतराल पर 2-3 बार छिड़काव करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं।

बेहतर प्रबंधन के लिए अन्य सुझाव

केवल दवाइयों का छिड़काव ही पर्याप्त नहीं है, उद्यान विभाग ने बागों के रखरखाव हेतु अन्य सलाह भी दी है:

कटाई-छंटाई: पेड़ों की घनी टहनियों को काटें ताकि सूरज की रोशनी और हवा अंदर तक पहुँच सके, जिससे कीट पनप न सकें।

स्वच्छता: बाग की नियमित सफाई रखें।

सिंचाई: जब फल मटर के दाने के बराबर हो जाएं, तब हल्की सिंचाई शुरू करें और पर्याप्त नमी बनाए रखें।

विशेष अपील: किसानों से आग्रह है कि वे अपनी फसलों की नियमित निगरानी करें और लक्षण दिखने पर तत्काल बताए गए उपायों का पालन करें।