जोगीमारा की बदली तस्वीर: बीहड़ और पहाड़ी रास्तों का सफर खत्म, 'हर घर जल' से जीवन हुआ सुगम

जोगीमारा की बदली तस्वीर: बीहड़ और पहाड़ी रास्तों का सफर खत्म, 'हर घर जल' से जीवन हुआ सुगम

जशपुरनगर | 07 अप्रैल 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के 'सुशासन' और 'जल जीवन मिशन' के संकल्प ने जशपुर के दुर्गम क्षेत्रों में खुशहाली की नई इबारत लिख दी है। जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसे ग्राम जोगीमारा में अब हर घर तक नल से स्वच्छ जल पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीणों का जीवन न केवल सुरक्षित हुआ है बल्कि पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है।

पहाड़ों की ढलान और पानी का कठिन संघर्ष

जोगीमारा का आधा हिस्सा पहाड़ी पर स्थित होने के कारण यहाँ पेयजल की समस्या विकराल थी। जल जीवन मिशन से पहले:

ग्रामीण पूरी तरह नाले और कुओं जैसे पारंपरिक स्रोतों पर निर्भर थे।

महिलाओं को उबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों और ढलानों से उतरकर दूर से पानी लाना पड़ता था।

दूषित जल के कारण बच्चे और बुजुर्ग अक्सर बीमारियों की चपेट में रहते थे, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता था।

10 केएल टैंक और 56 घरेलू कनेक्शन ने बदली राह

ग्रामीणों की इस तकलीफ को दूर करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत एक व्यवस्थित जल आपूर्ति प्रणाली स्थापित की गई है:

ओवरहेड टैंक: गांव में 10 किलोलीटर (KL) क्षमता का उच्च स्तरीय जलागार बनाया गया है।

घर-घर नल: पाइपलाइन के जरिए कुल 56 क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) प्रदान किए गए हैं।

नियमित आपूर्ति: अब ऊँचाई पर बसे घरों में भी नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल पहुँच रहा है।

बदलाव के सुखद परिणाम

इस योजना के क्रियान्वयन से जोगीमारा में कई सकारात्मक परिवर्तन आए हैं:

समय और श्रम की बचत: महिलाओं को अब कठिन रास्तों पर पानी ढोने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे वे अन्य उत्पादक कार्यों में समय दे पा रही हैं।

स्वास्थ्य में सुधार: स्वच्छ जल मिलने से जलजनित बीमारियों में भारी कमी आई है।

शिक्षा पर ध्यान: बच्चों को अब पानी के इंतजाम में हाथ नहीं बंटाना पड़ता, जिससे उनकी स्कूल में उपस्थिति और पढ़ाई बेहतर हुई है।

सामुदायिक स्वामित्व: ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से ग्रामीण खुद इस योजना का रखरखाव कर रहे हैं, जिससे योजना की निरंतरता सुनिश्चित हुई है।

"जोगीमारा की यह कहानी प्रमाण है कि यदि सरकार की नीयत साफ और क्रियान्वयन सही हो, तो भौगोलिक बाधाएं विकास का रास्ता नहीं रोक सकतीं। आज यह गांव दुर्गम क्षेत्रों के लिए विकास का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है।"