सुशासन का असर: जशपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना से हजारों परिवारों का सपना हुआ साकार

सुशासन का असर: जशपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना से हजारों परिवारों का सपना हुआ साकार

जशपुरनगर | मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) और पीएम जनमन योजना के माध्यम से जिले के हजारों परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब लोग कच्चे और असुरक्षित मकानों को छोड़, पक्की छत के नीचे सुकून और सम्मान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं।

28 हजार से अधिक परिवारों को मिला अपना आशियाना

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जशपुर जिले में वर्ष 2024-25 के दौरान कुल 50,797 आवास स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 28,915 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जहाँ परिवार अब सुरक्षित रह रहे हैं। यह योजना न केवल सिर पर छत दे रही है, बल्कि स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय और एलपीजी जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी सुनिश्चित कर रही है।

पीएम जनमन योजना: विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन में उजाला

जिले के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए 'पीएम जनमन योजना' वरदान साबित हुई है।

  • स्वीकृत आवास: 2023 से 2025 के बीच 2,040 आवास स्वीकृत।

  • पूर्ण आवास: 1,233 विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को सर्वसुविधायुक्त पक्का मकान मिल चुका है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए मुख्यधारा से जोड़ना है।

आवास प्लस 2.0: कोई भी पात्र परिवार नहीं छूटेगा

मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जिले में 'आवास प्लस 2.0' के तहत व्यापक सर्वे अभियान चलाया गया है। इस सर्वे के दौरान छूटे हुए 1,02,371 परिवारों को चिन्हित किया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि पात्रता के आधार पर इन सभी परिवारों को शत-प्रतिशत आवास का लाभ प्रदान कर उनके पक्के घर के सपने को पूरा किया जाए।

अभाव से आत्मसम्मान तक का सफर

कभी कच्चे मकानों की टूटती दीवारों और बरसात में टपकती छतों के बीच रातें गुजारने वाले परिवारों के लिए अब स्थितियां बदल चुकी हैं। हितग्राहियों का कहना है कि पहले बारिश में सामान भीगने और रात भर जागने की मजबूरी थी, लेकिन शासन की संवेदनशीलता से अब वे अपने पक्के घर में सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।