सिहारबूढ़ शराब दुकान विवाद: तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, उग्र आंदोलन और चक्काजाम की चेतावनी के बाद फिलहाल खुला ताला
कांसाबेल | बगीचा स्टेट हाईवे पर सिहारबूढ़ कुसुम ताल चौक के पास स्थानांतरित की गई शासकीय देशी-विदेशी मदिरा दुकान को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन फिलहाल प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद थमता नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी हैं, हालांकि साथ ही प्रशासन को कड़ी चेतावनी भी दी है।
तहसीलदार चंद्र प्रकाश सिंह को सौंपा ज्ञापन
धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार चंद्र प्रकाश सिंह को सरपंच पारस नाथ साय पैंकरा और ग्रामीणों ने एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि बिना ग्राम सभा के प्रस्ताव और बिना पंचायत की अनुमति के शराब दुकान का स्थानांतरण नियमों के विरुद्ध है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस अति संवेदनशील क्षेत्र से दुकान को तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।
उग्र आंदोलन और चक्काजाम की चेतावनी
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों और महिलाओं ने दो टूक शब्दों में प्रशासन से कहा कि अभी केवल आश्वासन के आधार पर धरना समाप्त किया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि:
- यदि प्रशासन द्वारा जल्द ही सही और जनहित में निर्णय नहीं लिया गया, तो ग्रामीण चुप नहीं बैठेंगे।
- भविष्य में उग्र आंदोलन किया जाएगा और बगीचा स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर आवागमन ठप्प कर दिया जाएगा।
आश्वासन के बाद खुली दुकान
मौके पर पहुंचे तहसीलदार चंद्र प्रकाश सिंह ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासनिक समझाइश और मामले की जांच के वादे के बाद ग्रामीण धरने से उठे। तहसीलदार के आश्वासन के बाद पिछले कुछ समय से बंद पड़ी शासकीय देशी-विदेशी मदिरा दुकान को पुनः खोला गया।
सरपंच का बयान: "हमने शासन-प्रशासन के सम्मान में फिलहाल धरना स्थगित किया है, लेकिन हमारी मांगें अभी भी वही हैं। अगर अवैध रूप से संचालित इस दुकान पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरा गांव सड़क पर उतरने को मजबूर होगा।"
अब क्षेत्र की जनता की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या जनभावनाओं का सम्मान करते हुए दुकान को स्थानांतरित किया जाएगा या विवाद और बढ़ेगा।


