राजस्व कार्यों में तेजी लाने के निर्देश: कलेक्टर ने कहा- 'ई-ऑफिस' से ही होगा फाइलों का काम, मुआवजा वितरण में न हो देरी
जशपुरनगर | 6 जनवरी 2026
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण केवल कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों से जुड़ा मामला है। उन्होंने सभी तहसीलदारों और एसडीएम को निर्देशित किया कि जिले में लंबित समस्त राजस्व मामलों का शत-प्रतिशत निराकरण समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें।
राजस्व न्यायालय और अभिलेखों का होगा शुद्धिकरण
कलेक्टर ने राजस्व कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए निम्नलिखित कार्यों पर जोर दिया:
नामांतरण एवं सीमांकन: अविवादित एवं फौती नामांतरण, नक्शा अद्यतन, बटांकन और सीमांकन के मामलों को प्राथमिकता पर निपटाने के निर्देश दिए।
अभिलेख दुरुस्तीकरण: किसान किताब प्रविष्टि, ई-नामांतरण और स्वामित्व योजना के तहत अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करने को कहा।
डिजिटलीकरण: कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए कि अब सभी शासकीय कार्यालयों में फाइलिंग का कार्य अनिवार्य रूप से 'ई-ऑफिस' (e-Office) के माध्यम से ही किया जाएगा।
भारतमाला परियोजना और मुआवजा वितरण
बैठक में भारतमाला परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों के मुआवजे पर विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि:
मुआवजे से संबंधित सभी तकनीकी दिक्कतों को तुरंत दूर किया जाए।
बचे हुए हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित हो।
RBC 6-4 के तहत आपदा प्रभावितों के लंबित प्रकरणों को जल्द सुलझाएं ताकि पीड़ितों को आर्थिक राहत मिल सके।
कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना: कलेक्टर ने लाभार्थियों के बैंक खातों का e-KYC कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि सहायता राशि सीधे खाते में पहुँच सके।
धान खरीदी: धान खरीदी केंद्रों के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कार्य को भी प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए गए।
पारदर्शिता और गुणवत्ता अनिवार्य
अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में कलेक्टर ने कहा कि राजस्व अधिकारियों को नियमों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य करना होगा। ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से कार्यों में पारदर्शिता आएगी और फाइलों के लंबित होने की गुंजाइश कम होगी।
"आम आदमी को अपने छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अधिकारी संवेदनशील होकर कार्य करें।" — श्री रोहित व्यास, कलेक्टर





