खाद की कालाबाजारी पर नकेल: कांसाबेल के उर्वरक केंद्रों पर कृषि विभाग की दबिश, यूरिया के स्टॉक का हुआ भौतिक सत्यापन
कांसाबेल/जशपुरनगर | आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में खाद-बीज की गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में आज कृषि विभाग की टीम द्वारा कांसाबेल विकासखंड के विभिन्न उर्वरक केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। दल ने निशांत ट्रेडर्स और अन्नू कृषि केंद्र में पहुँचकर स्टॉक और रिकॉर्ड का बारीकी से सत्यापन किया।
यूरिया के स्टॉक की हुई गहन जांच
निरीक्षण के दौरान टीम ने मुख्य रूप से यूरिया (Urea Fertilizer) के स्टॉक पर ध्यान केंद्रित किया। अधिकारियों ने दुकानों के गोदामों में रखी बोरियों की गिनती की और उसका मिलान स्टॉक रजिस्टर तथा पीओएस (POS) मशीन के आंकड़ों से किया। सत्यापन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी खाद का अवैध भंडारण न हो और किसानों को निर्धारित मूल्य पर सुगमता से उर्वरक प्राप्त हो सके।
रिकॉर्ड संधारण के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:
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स्टॉक रजिस्टर को प्रतिदिन अपडेट रखा जाए।
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दुकान के बाहर अनिवार्य रूप से मूल्य सूची और स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित की जाए।
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बिना वैध बिल और बिना पीओएस मशीन के किसी भी किसान को उर्वरक का विक्रय न किया जाए।


अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले भर में संचालित की जा रही है। यदि किसी भी विक्रेता द्वारा यूरिया या अन्य उर्वरकों की जमाखोरी, अधिक दाम पर बिक्री या रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई जाती है, तो उनके उर्वरक लाइसेंस को निलंबित करने के साथ-साथ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस औचक निरीक्षण से क्षेत्र के उर्वरक विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति रही। प्रशासन की इस सक्रियता से क्षेत्र के किसानों ने राहत जताई है, ताकि उन्हें खेती के समय खाद की किल्लत का सामना न करना पड़े।





