जशपुर के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर: IIM रायपुर से निःशुल्क MBA करने के साथ मिलेगी 50 हजार रुपये मासिक फेलोशिप

जशपुर के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर: IIM रायपुर से निःशुल्क MBA करने के साथ मिलेगी 50 हजार रुपये मासिक फेलोशिप

जशपुर | 7 अप्रैल 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन संकल्प को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ के होनहार युवाओं के लिए 'मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप (CMGGF)' योजना के तहत करियर बनाने का एक बेहतरीन मौका सामने आया है। इस योजना के अंतर्गत छात्र IIM रायपुर से 'पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस' में दो वर्षीय MBA कोर्स कर सकेंगे, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

IIM की टीम पहुंची जशपुर, कॉलेजों में दे रही जानकारी

भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) रायपुर के प्रतिनिधि श्री बिनॉय टी. एवं श्री एस.एन. मंडल वर्तमान में जशपुर सहित उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों के प्रवास पर हैं। टीम द्वारा जिले के विभिन्न इंजीनियरिंग और स्नातक महाविद्यालयों का भ्रमण कर विद्यार्थियों को इस विशेष कोर्स की बारीकियों, पात्रता और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया जा रहा है। युवाओं तक सूचना पहुँचाने के लिए व्यापक स्तर पर पंपलेट वितरण और काउंसिलिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

योजना की मुख्य विशेषताएँ

इस फेलोशिप कार्यक्रम को शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव के अनूठे संगम के रूप में डिजाइन किया गया है:

निःशुल्क शिक्षा: चयनित अभ्यर्थियों की पूरी ट्यूशन फीस छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन की जाएगी।

आकर्षक छात्रवृत्ति: कोर्स के दौरान विद्यार्थियों को 50,000 रुपये प्रति माह की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

व्यावहारिक प्रशिक्षण: विद्यार्थियों को IIM रायपुर में शैक्षणिक सत्र के साथ-साथ राज्य शासन के विभिन्न विभागों में काम करने और व्यावहारिक प्रशिक्षण (Hands-on Training) का अवसर मिलेगा।

आरक्षण एवं पात्रता: यह कार्यक्रम विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए है और इसमें राज्य शासन की आरक्षण नीति पूरी तरह लागू होगी।

कैसे करें आवेदन?

इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी इस कोर्स से जुड़ी विस्तृत जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए IIM रायपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि और अन्य दिशा-निर्देश वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

"मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह पहल न केवल प्रदेश के युवाओं को उच्च स्तरीय प्रबंधन शिक्षा प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें सुशासन की प्रक्रिया में सीधे भागीदार बनने का अवसर भी देगी।"