जशपुर: पैंगोलिन शल्क की तस्करी का भंडाफोड़, झारखंड सीमा पर संयुक्त कार्रवाई में एक गिरफ्तार
जशपुरनगर | 13 फरवरी, 2026
वन विभाग की मुस्तैदी से जशपुर में प्रतिबंधित वन्यजीव पैंगोलिन के अंगों की तस्करी करने वाले नेटवर्क को करारा झटका लगा है। जशपुर और गुमला (झारखंड) वनमंडल की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर एक आरोपी को पैंगोलिन के शल्कों (Scales) के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
गोपनीय सूचना पर बिछाया गया जाल
विभागीय सूत्रों के अनुसार, वन विभाग को सीमावर्ती क्षेत्रों में पैंगोलिन के शल्कों की अवैध खरीद-फरोख्त की गोपनीय सूचना मिली थी। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जशपुर और गुमला वनप्रमंडल के अधिकारियों ने एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया। योजनाबद्ध तरीके से की गई इस कार्रवाई में ग्राम रनपुर (थाना नारायणपुर) निवासी आरोपी को उस समय दबोचा गया, जब वह पैंगोलिन शल्कों का सौदा करने की फिराक में था।
कठोर कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज
पैंगोलिन एक अत्यंत दुर्लभ जीव है, जिसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में रखा गया है। यह वही श्रेणी है जिसमें बाघ और शेरों को रखा जाता है।
बरामदगी: आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में पैंगोलिन शल्क बरामद किए गए हैं।
कार्रवाई: आरोपी के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत वन अपराध दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।
"वन्यजीवों का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हम इस अवैध नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि इस तस्करी से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।" - वन विभाग, जशपुर
विभाग की अपील
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे वन्यजीवों के शिकार या उनके अंगों के व्यापार जैसी अवैध गतिविधियों से दूर रहें। यदि कहीं भी ऐसी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत नजदीकी वन कार्यालय को सूचित करें।





