भीषण गर्मी को लेकर प्रशासन सख्त: लू से बचाव के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने जारी की विस्तृत गाइडलाइन

भीषण गर्मी को लेकर प्रशासन सख्त: लू से बचाव के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने जारी की विस्तृत गाइडलाइन

जशपुरनगर |  भारत सरकार के गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने इस वर्ष ग्रीष्म ऋतु में बढ़ते तापमान और तीव्र गर्मी की संभावना को देखते हुए 'लू' (Heatwave) से बचाव के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से लेकर विभिन्न सरकारी विभागों तक के लिए विशेष 'एक्शन प्लान' तैयार किया है ताकि जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

विशेषज्ञों के अनुसार, लू लगने पर सिर में भारीपन, तेज बुखार, मुंह सूखना, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी और बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर लिटाकर ठंडे पानी की पट्टी रखने और पर्याप्त तरल पदार्थ देने की सलाह दी गई है।

आम नागरिकों के लिए 'क्या करें और क्या न करें'

  • दोपहर में बचाव: दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें।

  • पहनावा: बाहर निकलते समय सिर और कान को कपड़े से ढकें और हमेशा सूती कपड़े पहनें।

  • खान-पान: पर्याप्त पानी पिएं, ओआरएस (ORS), नींबू पानी या घर के बने पेय पदार्थों का सेवन करें।

  • घर का प्रबंधन: घर को ठंडा रखने के लिए पर्दों और पंखों का उचित उपयोग करें।

मजदूरों और कर्मचारियों के लिए विशेष निर्देश

नियोक्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्यस्थलों पर मजदूरों के लिए ठंडा पानी और शेड (छाया) की व्यवस्था की जाए। साथ ही, काम के घंटों में बदलाव कर विश्राम की अवधि बढ़ाई जाए। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को कूलिंग जैकेट, सनग्लास और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

विभागीय जिम्मेदारियां तय

सरकार ने विभिन्न विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है:

  • शिक्षा विभाग: स्कूलों में पेयजल, ओआरएस की उपलब्धता और समय में बदलाव सुनिश्चित करेगा।

  • स्वास्थ्य विभाग: सभी केंद्रों पर लू के मरीजों के लिए दवाइयां और 108/104 एम्बुलेंस सेवाओं को तत्पर रखेगा।

  • मनरेगा एवं श्रम विभाग: मनरेगा स्थलों पर छाया और पानी की व्यवस्था होगी तथा बाहरी कार्यों के समय में बदलाव किया जाएगा।

  • नगरीय निकाय: बेघर लोगों के लिए अस्थाई आश्रय और सार्वजनिक स्थानों पर 'वाटर एटीएम' व प्याऊ केंद्रों की स्थापना करेंगे।

  • पशुपालन एवं वन विभाग: वन्यजीवों और पालतू पशुओं के लिए पानी व चारे की समुचित व्यवस्था की जाएगी।

प्रशासन की अपील: वरिष्ठ नागरिक और बच्चे विशेष सावधानी बरतें। किसी भी प्रकार की अस्वस्थता महसूस होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। राज्य स्तर पर नोडल अधिकारियों द्वारा स्थिति की निरंतर समीक्षा की जाएगी।