लक्ष्य 2027: जशपुर जिले में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का आगाज, 9.90 लाख लोगों को दवा पिलाने का लक्ष्य

लक्ष्य 2027: जशपुर जिले में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का आगाज, 9.90 लाख लोगों को दवा पिलाने का लक्ष्य

जशपुरनगर, 13 फरवरी 2026:

भारत सरकार के वर्ष 2027 तक देश से फाइलेरिया (हाथीपांव) को जड़ से खत्म करने के संकल्प के साथ जशपुर जिले में सामूहिक दवा सेवन (MDA) अभियान का जोरदार शुभारंभ किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और जिला कार्यक्रम प्रबंधक के नेतृत्व में जिले के सभी विकासखंडों में इस अभियान को गति दी जा रही है।

सरस्वती शिशु मंदिर से हुआ जिला स्तरीय शुभारंभ

अभियान का औपचारिक शुभारंभ विगत 10 फरवरी को जिला स्तर पर सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जशपुर में किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित जनों और छात्र-छात्राओं को फाइलेरिया मुक्ति की शपथ दिलाई और दवा सेवन के महत्व को समझाया।

दो चरणों में चलेगा अभियान: बूथ से लेकर घर-घर तक

स्वास्थ्य विभाग ने जिले की कुल 9,90,800 लक्षित जनसंख्या तक पहुँचने के लिए व्यापक रणनीति बनाई है:

प्रथम चरण (10 से 12 फरवरी): जिले के सभी विकासखंडों में स्थापित 3143 बूथों के माध्यम से लोगों को दवा खिलाई गई।

द्वितीय चरण (13 से 25 फरवरी): अब स्वास्थ्य विभाग की टीमें और मितानिन (आशा कार्यकर्ता) घर-घर जाकर लोगों को अपनी उपस्थिति में दवा का सेवन कराएंगी।

किसे मिलेगी दवा और क्या है खुराक?

अभियान के तहत 2 साल से अधिक आयु के सभी लोगों को उम्र और ऊंचाई के आधार पर दवा दी जा रही है। इसमें मुख्य रूप से तीन दवाएं शामिल हैं:

डी.ई.सी. (DEC) टैबलेट

एल्बेंडाजोल

आइवरमेक्टिन

नोट: गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को इस दवा का सेवन नहीं करना है।

फाइलेरिया: लक्षण और बचाव

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फाइलेरिया मच्छरों से फैलने वाला एक संक्रामक रोग है। इसके लक्षण तुरंत दिखाई नहीं देते, लेकिन लंबे समय बाद हाथ-पांव में सूजन (हाथीपांव), बुखार और पुरुषों के जननांगों में सूजन जैसे गंभीर लक्षण उभर सकते हैं।

सावधानी: दवा खाने के बाद शरीर में मौजूद परजीवियों की प्रतिक्रिया स्वरूप मामूली सिरदर्द, बुखार या उल्टी जैसे लक्षण हो सकते हैं, जिससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। लक्षण गंभीर होने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लें।

अपील: "हाथीपांव से सुरक्षा, दवा ही है एकमात्र रक्षा"

अधिकारियों ने जिलेवासियों से अपील की है कि फाइलेरिया एक बार होने पर जीवनभर की परेशानी बन जाता है। इससे बचने का एकमात्र उपाय एम.डी.ए. (MDA) की दवाएं खाना है। सभी नागरिक अपने क्षेत्र की मितानिन के पास जाकर या घर आए स्वास्थ्य दल के सहयोग से दवा का सेवन अवश्य करें और जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने में योगदान दें।