बढ़ती गर्मी और लू को लेकर अलर्ट: केंद्र और राज्य सरकार ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश

बढ़ती गर्मी और लू को लेकर अलर्ट: केंद्र और राज्य सरकार ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश

जशपुरनगर | 09 अप्रैल 2026 भारत सरकार के गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने ग्रीष्म ऋतु के दौरान तीव्र गर्मी और तापमान में वृद्धि की संभावना को देखते हुए 'लू' (तापघात) से बचाव के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों के साथ-साथ मजदूरों, वरिष्ठ नागरिकों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

विशेषज्ञों के अनुसार, लू लगने पर सिर में भारीपन, तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, पसीना न आना और बेहोशी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। शरीर में पानी और नमक की कमी इसका मुख्य कारण है। ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत छाया में ले जाकर ठंडे पानी की पट्टी लगाने और तरल पदार्थ पिलाने की सलाह दी गई है।

आम नागरिकों के लिए सुरक्षा मंत्र

  • धूप से बचें: दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक बाहर न निकलें।

  • पहनावा: बाहर निकलते समय सिर और कान को ढककर रखें और सूती कपड़े पहनें।

  • खान-पान: पर्याप्त पानी पिएं, ओआरएस (ORS) का उपयोग करें और खाली पेट बाहर न जाएं।

  • घर को रखें ठंडा: घरों में पर्दों और पंखों का उचित उपयोग करें।

विभागों को सौंपी गई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

  • श्रम विभाग: मजदूरों के लिए कार्यस्थल पर शेड और ठंडे पानी की व्यवस्था करें। काम के घंटों (शिफ्ट) में बदलाव करें ताकि उन्हें दोपहर की तपिश से बचाया जा सके।

  • नगरीय निकाय एवं पंचायत: सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ और 'वाटर एटीएम' की व्यवस्था करें। बेघर लोगों के लिए अस्थायी आश्रय और पानी का प्रबंध सुनिश्चित करें।

  • स्वास्थ्य विभाग: अस्पतालों में 108-104 सेवाओं की तत्परता और ओआरएस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

  • शिक्षा विभाग: स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था और समय में आवश्यक परिवर्तन लागू करें।

  • वन एवं पशुपालन: वन्यजीवों और पालतू पशुओं के लिए जलस्रोतों व चारे का प्रबंध करें।

पुलिस और फील्ड कर्मियों के लिए विशेष निर्देश

ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को ठंडे जैकेट, सनग्लास और सनस्क्रीन का उपयोग करने की सलाह दी गई है। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों से अपील की गई है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य स्तर पर नोडल अधिकारियों के माध्यम से स्थिति की निरंतर समीक्षा की जाएगी ताकि भीषण गर्मी से होने वाले जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।