16 हाथियों का दल बगीचा क्षेत्र में सक्रिय; माइक और सायरन से दी जा रही चेतावनी, विभाग ने ग्रामीणों से की सतर्क रहने की अपील

16 हाथियों का दल बगीचा क्षेत्र में सक्रिय; माइक और सायरन से दी जा रही चेतावनी, विभाग ने ग्रामीणों से की सतर्क रहने की अपील

  • सतत निगरानी: बगीचा वन परिक्षेत्र के महादेवडांड क्षेत्र में 16 जंगली हाथियों का दल लगातार कर रहा है विचरण।

  • दुखद हादसा: ग्राम घुघरी (कदमटोली) में चेतावनी के बावजूद झोपड़ी में रुके 71 वर्षीय मार्सेल लकड़ा की हाथी के हमले में मौत।

  • त्वरित कार्रवाई: सूचना मिलते ही रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) और गश्ती दल पूरी तरह अलर्ट; प्रभावित गांवों में माइक-सायरन से मुनादी।

  • प्रशासनिक निर्देश: वन मंत्री केदार कश्यप के सख्त निर्देश के बाद प्रभावित क्षेत्रों में गश्त और जन-जागरूकता अभियान और मजबूत।

रायपुर / जशपुर:

छत्तीसगढ़ के वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशों के पालन में वन विभाग द्वारा हाथी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी, गश्त और जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। विभाग के समन्वित प्रयासों और त्वरित प्रतिक्रिया के कारण जशपुर वनमंडल में विगत वर्षों की तुलना में हाथियों से होने वाली जनहानि में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

16 हाथियों का दल सक्रिय, RRT और गश्ती दल मैदान में

वन विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 9 अगस्त को बगीचा वन परिक्षेत्र के महादेवडांड क्षेत्र में लगभग 16 जंगली हाथियों के दल की आवाजाही दर्ज की गई। हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) और हाथी गश्ती दल को तत्काल मैदान में उतारा गया।

विभागीय टीमों द्वारा घोघर, सरईपानी, घुघरी, रेंगोला, महुआडीह और बोडापहरी जैसे संवेदनशील गांवों में लगातार गश्त की गई। ग्रामीणों को माइक व सायरन के माध्यम से हाथियों की आवाजाही की जानकारी देते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई।

चेतावनी के बावजूद हादसा: 71 वर्षीय बुजुर्ग की जान गई

सघन निगरानी और मुनादी के बावजूद, देर रात लगभग 12:30 बजे ग्राम घुघरी (कदमटोली) में एक दुखद घटना घटित हुई। अपनी निजी जमीन पर बनी अस्थायी झोपड़ी में रह रहे 71 वर्षीय मार्सेल लकड़ा पर हाथी ने हमला कर दिया। हाथी ने झोपड़ी को क्षतिग्रस्त कर उन्हें बाहर घसीट लिया, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।

वन विभाग की जांच और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विभागीय टीम ने बुजुर्ग को पहले ही हाथियों की मौजूदगी की चेतावनी दी थी और उन्हें गांव के सुरक्षित स्थान पर चलने का आग्रह किया था। हालांकि, उन्होंने झोपड़ी छोड़ने से इंकार कर दिया था। घटनास्थल पर हाथी के पदचिह्न और गोबर मिलने से घटना की आधिकारिक पुष्टि हुई है।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी: वन विभाग की ग्रामीणों से अपील

घटना के तुरंत बाद वन मंत्री के निर्देशानुसार क्षेत्र में सुरक्षा और गश्त व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ कर दिया गया है। वन विभाग ने आम नागरिकों और ग्रामीणों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:

  1. संभावित मार्गों से दूर रहें: हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही जंगल या उनके संभावित आवाजाही वाले रास्तों की ओर न जाएं।

  2. अकेले बाहर न निकलें: रात के समय अथवा तड़के अकेले आवाजाही करने से बचें।

  3. छेड़छाड़ या फोटो न लें: हाथियों के पास जाने, फोटो-वीडियो बनाने या उनका पीछा करने का प्रयास बिल्कुल न करें।

  4. तत्काल सूचना दें: किसी भी आपात स्थिति या हाथियों की गतिविधि दिखने पर तुरंत नजदीकी वन अमले को सूचित करें।