विशेष रिपोर्ट: सेवा संकल्प अभियान-2026 – जन कल्याण और महिला सशक्तिकरण की प्रेरक गाथाएं

विशेष रिपोर्ट: सेवा संकल्प अभियान-2026 – जन कल्याण और महिला सशक्तिकरण की प्रेरक गाथाएं

​रायपुर, 11 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और 'सेवा संकल्प अभियान-2026' के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं ने जरूरतमंदों, महिलाओं और विशेष पिछड़ी जनजातियों को आत्मनिर्भरता और आर्थिक सुरक्षा का नया संबल प्रदान किया है। प्रस्तुत हैं अभियान के अंतर्गत सामने आई कुछ प्रमुख और प्रेरक कहानियां:

​1. डेयरी व्यवसाय से बदली इंदु लता गुप्ता की किस्मत

​सरगुजा जिले की श्रीमती इंदु लता गुप्ता ने पति के निधन के बाद चार बेटियों की परवरिश और उनके भविष्य को संवारने का दृढ़ संकल्प लिया। छत्तीसगढ़ महिला कोष की सक्षम योजना से 1 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर उन्होंने दो भैंसें खरीदीं और डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की।

  • ​वर्तमान स्थिति: वर्तमान में उनकी दोनों भैंसों से प्रतिदिन लगभग 20 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जिससे परिवार की आय बढ़ी है।
  • ​सफलता: इंदु लता के संघर्ष का ही परिणाम है कि आज उनकी एक बेटी मेडिकल कॉलेज में और दूसरी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है, जबकि दो अन्य बेटियां स्कूली शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।

​2. डबरी निर्माण से पहाड़ी कोरवा किसान फूना राम ने शुरू किया मछली पालन

​अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत घंघरी निवासी विशेष पिछड़ी जनजाति के किसान फूना राम की खाली पड़ी जमीन अब ग्रामीण रोजगार योजना के तहत आजीविका डबरी के रूप में बदल चुकी है।

  • ​लाभ: वर्षा जल का संचय होने से उन्होंने डबरी में मछली बीज डाला है, जिससे भविष्य में मछलियों की बिक्री से अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

​3. महतारी वंदन योजना से सरिता तिग्गा के हुनर को मिला नया संबल

​ग्राम पंचायत मेंड्रा कला की श्रीमती सरिता तिग्गा के पास सिलाई का हुनर तो था, लेकिन धागा और सामग्री खरीदने में आर्थिक बाधाएं आती थीं। महतारी वंदन योजना से प्रति माह मिलने वाली 1,000 रुपये की सहायता राशि से वे अब सिलाई सामग्री खरीदकर घर बैठे स्वरोजगार को आगे बढ़ा रही हैं और अपने तीन बच्चों के पालन-पोषण में सहयोग दे रही हैं।

​4. नोनी सुरक्षा योजना से आंचल राजवाड़े के भविष्य को मिली आर्थिक सुरक्षा

​कृष्णापुर की श्रीमती मानती राजवाड़े की पुत्री आंचल राजवाड़े के नाम पर नोनी सुरक्षा योजना के तहत भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के माध्यम से 1 लाख रुपये का बॉन्ड प्राप्त हुआ है। 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर यह राशि उसकी उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में सहायक बनेगी।

​5. हाउसिंग बोर्ड के आवास में विकास सिंह ठाकुर का सपना साकार

​रायपुर के बोरियाकला हाउसिंग बोर्ड आवासीय परिसर में पिछले लगभग 12 वर्षों से रह रहे श्री विकास सिंह ठाकुर ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की प्लानिंग, निर्माण गुणवत्ता और सहयोगात्मक कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि इस आशियाने ने उनके मध्यमवर्गीय परिवार को सुरक्षा, स्थायित्व और आत्मसम्मान का गर्व दिया है।

​6. ज्योति साहू को संपत्ति पंजीयन में मिली दोहरी राहत

​जांजगीर-चांपा की श्रीमती ज्योति साहू को महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिलने से 11,400 रुपये की सीधी बचत हुई है। इसके साथ ही, ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के कारण उन्हें रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काटने की परेशानी से भी मुक्ति मिली है।

​7. प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जगमगाया राजपूत परिवार का जीवन

​बेमेतरा के श्री बीरेन्द्र राजपूत ने अपनी पत्नी श्रीमती द्रौपती राजपूत के नाम पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित कराया है। योजना के तहत उन्हें 15 दिनों के भीतर 78,000 रुपये की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में प्राप्त हुई। एसी और पानी की मोटर जैसे उपकरणों के उपयोग के बावजूद सौर ऊर्जा के कारण अब उनका बिजली बिल शून्य या बेहद कम आ रहा है।

​निष्कर्ष: 'सेवा संकल्प अभियान-2026' के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं छत्तीसगढ़ के नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने, उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने और उनके सपनों को नई उड़ान देने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।