जशपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 7 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास

जशपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 7 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास

​जशपुर:

जशपुर जिले के कांसाबेल थाना क्षेत्र में एक अत्यंत संवेदनशील और गंभीर पॉक्सो (POCSO) मामले में पुलिस और न्यायपालिका ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मात्र 40 दिनों के भीतर आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।

​मुख्य बिंदु:

  • ​त्वरित न्याय: एफआईआर दर्ज होने के महज 40 दिवस और चालान (अभियोग पत्र) प्रस्तुत होने के 23 दिवस के भीतर न्यायालय ने फैसला सुनाया।
  • ​सजा: अपर सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.) जशपुर श्री जनार्दन खरे की अदालत ने आरोपी विनोद एक्का उर्फ जशपुरिया उर्फ छोटा दादू (उम्र 62 वर्ष) को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल अर्थदंड से दंडित किया।
  • ​सशक्त पैरवी: थाना प्रभारी सह विवेचक जितेंद्र कुमार ताम्रकार की वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) श्री अनुपम कुमार तिर्की की सशक्त पैरवी से यह सफलता मिली।

​घटना का संक्षिप्त विवरण:

​दिनांक 13 अगस्त 2026 को पीड़िता के पिता ने थाना कांसाबेल में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके अनुसार, 9 अगस्त 2026 की शाम को उनकी 7 वर्षीय बेटी एक ग्रामीण के घर टीवी देख रही थी, तभी आरोपी विनोद एक्का उसे "रोटी खाने चलो" कहकर अपने घर ले गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। बाद में जब परिजन खोजने निकले, तो गवाहों ने आरोपी और पीड़िता को संदिग्ध अवस्था में देखा। मां द्वारा पूछताछ करने पर बालिका ने पूरी घटना की जानकारी दी।

​पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 151/2026 पंजीबद्ध किया और बीएनएस (BNS) तथा पॉक्सो अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

​न्यायालय द्वारा दी गई सजा:

​माननीय न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कुल 13 साक्षियों के परीक्षण और पुख्ता दस्तावेजों के आधार पर आरोपी को निम्नलिखित दंड सेL दंडित किया है:

  • ​धारा 65(2) बीएनएस: 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2,000/- अर्थदंड।
  • ​धारा 127(2) बीएनएस: 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1,000/- अर्थदंड।
  • ​धारा 6 पॉक्सो अधिनियम: 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2,000/- अर्थदंड।

​(नोट: सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।)

​पुलिस प्रशासन का संदेश:

​डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस सराहनीय कार्य पर पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जशपुर पुलिस महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।