पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मत्स्य, बत्तख और सुकर पालन से संजीता एक्का ने बनाई आत्मनिर्भरता की राह

पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मत्स्य, बत्तख और सुकर पालन से संजीता एक्का ने बनाई आत्मनिर्भरता की राह

​जशपुरनगर

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में जशपुर जिले के ग्राम सोगड़ा की प्रगतिशील किसान श्रीमती संजीता एक्का ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। सीमित आमदनी वाली पारंपरिक धान की खेती से हटकर उन्होंने फसल विविधीकरण और सहायक आजीविका गतिविधियों को अपनाया है।

​संजीता अपने पति श्री ईश्वर राम एक्का के साथ मिलकर खेती करती हैं। धान की खेती के साथ उन्होंने मत्स्य पालन, बत्तख और सुकर पालन की शुरुआत की, जिससे उनकी आय के नए स्रोत विकसित हुए हैं। मौसम के अनुसार वे गर्मी के मौसम में आलू और गेहूं की खेती के साथ लीची के पौधे लगाकर बागवानी भी कर रही हैं। यह पहल मिट्टी के कटाव को रोकने के साथ उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करती है।

​शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेते हुए उन्होंने अपने खेत के पास सोलर फेंसिंग भी लगवाई है। संजीता की यह सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तीकरण और आजीविका संवर्धन का एक प्रेरणादायी उदाहरण है, जो अन्य किसानों को भी कृषि आधारित सहायक गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।