ब्रेकिंग कांसाबेल: सिहारबूढ़ में शराब दुकान के स्थानांतरण पर भारी बवाल, सरपंच और ग्रामीणों ने दुकान के सामने दिया धरना

ब्रेकिंग कांसाबेल: सिहारबूढ़ में शराब दुकान के स्थानांतरण पर भारी बवाल, सरपंच और ग्रामीणों ने दुकान के सामने दिया धरना

कांसाबेल | बगीचा स्टेट हाईवे पर स्थित सिहारबूढ़ कुसुम ताल चौक के पास हाल ही में स्थानांतरित की गई शासकीय देशी-विदेशी मदिरा दुकान को लेकर विवाद गहरा गया है। दुकान खुलने के कुछ ही दिनों के भीतर स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। आज सिहारबूढ़ सरपंच के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं और ग्रामीणों ने दुकान के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और काम बंद करवाकर धरने पर बैठ गए।

बिना पंचायत अनुमति के स्थानांतरण का आरोप

​ग्राम पंचायत सिहारबूढ़ के सरपंच पारस नाथ साय पैंकरा ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस दुकान का स्थानांतरण पूरी तरह अवैध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • ग्राम सभा की अनदेखी: इस दुकान को कांसाबेल से सिहारबूढ़ लाने के लिए ग्राम पंचायत से कोई अनुमति नहीं ली गई और न ही कोई प्रस्ताव पारित किया गया।
  • व्यक्तिगत लाभ का खेल: सरपंच का आरोप है कि कांसाबेल में पर्याप्त जगह होने के बावजूद, कुछ लोगों के व्यक्तिगत फायदे के लिए इस संवेदनशील क्षेत्र में दुकान को शिफ्ट किया गया है।
  • राजस्व का नुकसान: सरपंच ने तर्क दिया कि यदि पंचायत की अपनी बिल्डिंग में यह संचालित होता, तो पंचायत को राजस्व प्राप्त होता, लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखकर निजी स्वार्थ के लिए निर्माण किया गया है।

सुरक्षा और यातायात पर खतरा

​ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर दुकान खोली गई है, वह अति संवेदनशील क्षेत्र है। हाईवे होने के कारण यहां गाड़ियों की पार्किंग के लिए जगह नहीं है, जिससे राहगीरों को आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है और दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है। महिलाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि रिहायशी इलाके के पास शराब दुकान होने से गांव का माहौल खराब होगा।

प्रशासनिक पहल और ग्रामीणों का अल्टीमेटम

​मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार कांसाबेल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। ग्रामीणों का साफ कहना है कि:

"जब तक शासन-प्रशासन इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेता और दुकान को यहां से हटाने का आदेश जारी नहीं करता, तब तक मदिरा दुकान बंद रहेगी। हम किसी भी कीमत पर यहां शराब की बिक्री नहीं होने देंगे।"

निष्कर्ष: अब देखना यह होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की मांग और पंचायत राज अधिनियम के तहत ग्राम सभा की अनुमति की अनिवार्यता को देखते हुए क्या कदम उठाता है। फिलहाल, क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और विरोध प्रदर्शन जारी है।