छत्तीसगढ़ बुलेटिन न्यूज़: जनसंपर्क एवं विकास गाथाएँ
रायपुर, 29 सितंबर 2026 — छत्तीसगढ़ शासन के 'सेवा संकल्प अभियान' और विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ अंचलों, ग्रामीण क्षेत्रों और जरूरतमंद नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। आज की प्रमुख प्रशासनिक, विकासपरक और प्रेरक खबरें इस प्रकार हैं:
1. ब्रेल पुस्तक से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को अधिकारों की सौगात
राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से तैयार ब्रेल पुस्तक ‘दिव्यांग अधिकार और प्रेरक कहानियां’ का विमोचन किया। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका के. शारदा एवं राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका प्रीति शांडिल्य द्वारा संपादित इस पुस्तक को प्रदेश की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में निःशुल्क वितरित किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों और शासकीय योजनाओं की सुलभ जानकारी मिलेगी।
2. आयुष्मान योजना से जमुना बाई को घुटने के दर्द से राहत
बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड की निवासी श्रीमती जमुना बाई के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना वरदान साबित हुई है। गंभीर घुटने के दर्द से परेशान जमुना बाई का जिला अस्पताल में निःशुल्क ऑपरेशन किया गया, जिसके महज दो दिन बाद ही उन्होंने वॉकर के सहारे चलना शुरू कर दिया।
3. नारायणपुर में ‘आंगन मिलन’ उत्सव का शुभारंभ
महिला एवं बाल विकास विभाग के 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत नारायणपुर जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 'आंगन मिलन' कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। इसके अंतर्गत पारंपरिक रीति-रिवाजों से गोद भराई और अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराने के साथ-साथ पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई।
4. सीआईआई एमएसएमई कॉन्क्लेव 2.0 का भव्य शुभारंभ
राजधानी रायपुर में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित दो दिवसीय एमएसएमई कॉन्क्लेव 2.0 का उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने शुभारंभ किया। कॉन्क्लेव में 250 से अधिक उद्यमियों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया, जहाँ 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस', आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और औद्योगिक विकास पर विस्तार से मंथन किया गया।
5. अबूझमाड़ के कुतुल शिविर में दर्जनों आधार व जन्म प्रमाण पत्र जारी
नारायणपुर जिला प्रशासन के 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुतुल में आयोजित 'सेवा सेतु' शिविर में ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे महत्वपूर्ण सेवाएं मिलीं। शिविर में 27 नए आधार कार्ड बनाए गए, 155 नवजात बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए तथा 112 तैयार आधार कार्ड वितरित किए गए।
6. माटेगहन की 'आजीविका डबरी' बनी समृद्धि की संवाहक
धमतरी विकासखण्ड की ग्राम पंचायत चिखली के आश्रित गांव माटेगहन में निर्मित 'आजीविका डबरी' ने किसान ईश्वर/नम्मु के जीवन में खुशहाली ला दी है। इस डबरी के निर्माण से एक एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई का साधन मिलने के साथ-साथ मत्स्य पालन से अतिरिक्त आय का नया जरिया भी मिल गया है।
7. परखंदा की महिलाओं ने खस की खेती से रची आर्थिक आजादी की दास्तान
धमतरी जिले के कुरुद विकासखंड की ग्राम पंचायत परखंदा में 'धान के कटोरा उत्पादक समिति' स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने नवाचार करते हुए 2.5 एकड़ भूमि पर औषधीय खस की खेती की। पहली ही कटाई में 11.20 क्विंटल खस का उत्पादन कर महिलाओं ने 1.12 लाख रुपये की सीधी आय अर्जित की है।
8. खेत से टोक्यो तक महकी नगरी दुबराज की खुशबू
धमतरी जिले के गट्टासिल्ली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (FPO) की महिला किसानों की बदौलत जीआई टैग प्राप्त सुगंधित चावल ‘नगरी दुबराज’ अब राज्य की सीमाओं को लांघकर जापान के बाजारों तक पहुँच गया है। यह चावल अब अमेजन, ओएनडीसी और ट्राइब्स इंडिया जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी आसानी से उपलब्ध है।
9. पीएम सूर्य घर योजना से निषाद टंडन के घर में आई सौर ऊर्जा की रोशनी
दुर्ग जिले के कैलाश नगर, भिलाई निवासी एनएमडीसी से सेवानिवृत्त कर्मचारी श्री निषाद टंडन ने अपने घर में 2 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम लगवाया है। शासन की इस योजना के तहत उन्हें कुल 90,000 रुपये की सब्सिडी (राज्य और केंद्र से) प्राप्त हुई है, जिससे उनका बिजली बिल न के बराबर आ रहा है।
10. पीएम आवास योजना ने संवारा कबाड़ी का काम करने वाले लतेलू सोनवानी का जीवन
दुर्ग जिले के ग्राम परसाही निवासी श्री लतेलू सोनवानी, जो कबाड़ी का काम करते हैं, को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 1.43 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली। इस सहायता से उन्होंने पक्के मकान का निर्माण कर लिया है, जिससे उनके परिवार को सुरक्षित और स्थायी आशियाना मिल गया है।
11. राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना बनी कुलेश्वरी साहू का आर्थिक संबल
दुर्ग जिले के ग्राम बोरई निवासी श्रीमती कुलेश्वरी साहू के पति के आकस्मिक निधन के बाद उत्पन्न आर्थिक संकट के समय राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना ने बड़ा सहारा दिया। पंचायत स्तर पर त्वरित प्रक्रिया पूरी कर उन्हें 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।











