जशपुर: जन्म-मृत्यु पंजीयन में देरी पर प्रशासन सख्त, 31 मार्च तक लंबित प्रकरण निपटाने के अल्टीमेटम

जशपुर: जन्म-मृत्यु पंजीयन में देरी पर प्रशासन सख्त, 31 मार्च तक लंबित प्रकरण निपटाने के अल्टीमेटम

हड़ताल अवधि के प्रकरणों के लिए अंतिम अवसर; डेडलाइन के बाद नहीं जारी होंगे विलंब पंजीयन आदेश

जशपुरनगर | 24 मार्च 2026 जिला प्रशासन ने जन्म और मृत्यु पंजीयन की प्रक्रिया में हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को कड़े निर्देश जारी किए हैं। जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) एवं उप संचालक सांख्यिकी ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि अगस्त और सितंबर 2025 की हड़ताल अवधि के दौरान के लंबित प्रकरणों को 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए।

हड़ताल के कारण थमी प्रक्रिया में लाएं तेजी

प्रशासनिक पत्र में उल्लेख किया गया है कि माह अगस्त से सितम्बर 2025 के बीच हुई हड़ताल के कारण कई जन्म-मृत्यु की घटनाओं का पंजीयन समय पर नहीं हो सका था। वर्तमान में सामुदायिक, प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा इन विलंबित प्रकरणों के पंजीयन की गति अत्यंत धीमी पाई गई है, जिसे लेकर जिला रजिस्ट्रार ने नाराजगी व्यक्त की है।

31 मार्च के बाद नहीं मिलेगी अनुमति

उप संचालक एवं जिला रजिस्ट्रार ने समय-सीमा निर्धारित करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं:

अनिवार्य ऑनलाइन आवेदन: सभी अधीनस्थ पंजीयन इकाइयों को निर्देश दिया गया है कि वे हड़ताल अवधि के बचे हुए प्रकरणों का 31 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन पूर्ण करें।

कोई अतिरिक्त समय नहीं: शासन ने साफ कर दिया है कि निर्धारित तिथि (31 मार्च 2026) के बीत जाने के बाद इस संबंध में किसी भी प्रकार का विशेष 'विलंबित पंजीयन आदेश' जारी नहीं किया जाएगा।

संस्था प्रभारी की जिम्मेदारी: नियमानुसार संस्थागत घटनाओं का समय पर पंजीयन करना संबंधित अस्पताल या संस्था प्रभारी का उत्तरदायित्व है।

नागरिकों की सुविधा सर्वोपरि

प्रशासन का उद्देश्य इन लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करना है ताकि आम नागरिकों को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे इस प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा करें।