जशपुर: सुशासन तिहार के साथ खूंटीटोली में स्वच्छता और जल संरक्षण का शंखनाद; बना 5% जल संचय मॉडल

जशपुर: सुशासन तिहार के साथ खूंटीटोली में स्वच्छता और जल संरक्षण का शंखनाद; बना 5% जल संचय मॉडल

जशपुरनगर | 

जशपुर जिले में सुशासन की अवधारणा को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से 'सुशासन तिहार' का उत्साहपूर्वक शुभारंभ हुआ। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में आज ग्राम पंचायत खूंटीटोली में जनभागीदारी और सामूहिक श्रमदान के जरिए स्वच्छता एवं जल संरक्षण का सशक्त संदेश दिया गया।

सामूहिक श्रमदान से स्वच्छता का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों ने मिलकर गांव के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई की। श्रमदान के माध्यम से ग्रामीणों को अपने परिवेश को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय जनपद सदस्य श्री खगेश्वर साय सहित सरपंच, पंचगण और विकासखंड के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए स्वच्छता को एक जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

जल संचय का '5 प्रतिशत मॉडल' बना आकर्षण का केंद्र

सुशासन तिहार के तहत “जल संचय जनभागीदारी 2.0” अभियान के अंतर्गत गांव में '5 प्रतिशत मॉडल' का निर्माण किया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को इस मॉडल की उपयोगिता समझाते हुए बताया कि:

  • क्या है मॉडल: किसान अपनी कुल भूमि के लगभग 5 प्रतिशत हिस्से (किसी एक कोने में) सीढ़ीनुमा गड्ढे का निर्माण करते हैं।

  • फायदा: वर्षा का जल इधर-उधर बहने के बजाय इस संरचना में एकत्रित होता है।

  • प्रभाव: इससे भूजल स्तर (Ground Water Level) में सुधार होता है और सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध होने से खेती की उत्पादकता बढ़ती है।

सामुदायिक सहभागिता से बनेगा जल समृद्ध गांव

उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि जल संकट जैसी गंभीर समस्या का समाधान बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ छोटे-छोटे व्यक्तिगत प्रयासों से भी संभव है। यदि ग्रामीण सामूहिक रूप से ऐसे जल संवर्धन मॉडलों को अपनाएं, तो गांव को भविष्य में पानी की कमी से बचाया जा सकता है।