अग्र महाकुम्भ 2026: कला साधना के लिए प्रतिभावान कलाकार सौम्या जिंदल को मिला "अग्र रत्न" सम्मान
अंबिकापुर / छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित दशम 'अग्र अलंकार समारोह' (अग्र महाकुम्भ 2026) में छत्तीसगढ़ की उभरती और प्रतिभावान कलाकार श्रीमती सौम्या जिंदल को समाज के प्रतिष्ठित "अग्र रत्न" (18 रत्नों में से एक) पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
कांसाबेल के प्रतिष्ठित श्री भीमसेन जिंदल परिवार की बहू और बालोद की बेटी सौम्या जिंदल की इस उपलब्धि ने पूरे परिवार, ग्राम और समाज का मान बढ़ाया है।
दिग्गज अतिथियों की उपस्थिति में मिला सम्मान
श्रीमती सौम्या जिंदल को यह गौरवशाली सम्मान कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान एवं सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रदान किया गया। यह गरिमामयी सम्मान निम्नलिखित अतिथियों के कर-कमलों द्वारा दिया गया:
- माननीय अशोक अग्रवाल जी (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल सभा)
- श्री सुभाष गोयल जी (प्रांतीय उपाध्यक्ष)
- माननीय श्री पवन अग्रवाल जी (अध्यक्ष, संभागीय अग्रवाल महासभा सरगुजा)
- माननीय श्री चिंतामणी महाराज जी (सांसद, सरगुजा लोकसभा क्षेत्र)
- माननीय श्री राजेश अग्रवाल जी (मंत्री, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन)
कला को बनाया समाज सेवा का माध्यम
श्रीमती सौम्या जिंदल चारकोल आर्ट, टेक्सचर आर्ट, एक्रेलिक पेंटिंग और वॉल पेंटिंग जैसी विधाओं में प्रोफेशनल रूप से कार्य करती हैं। उनकी यह सोच कि "कला केवल व्यवसाय नहीं बल्कि समाज सेवा का एक माध्यम है," उन्हें अन्य कलाकारों से अलग और इस प्रतिष्ठित सम्मान की वास्तविक हकदार बनाती है।
उनकी इस सफलता पर समाज के सभी वर्गों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

