एक दशक का इंतजार खत्म: एनएच निर्माण का रास्ता हुआ साफ, विनोद जैन कंस्ट्रक्शन को मिला ठेका
जशपुर कांसाबेल
जशपुर जिले के लिए एक बड़ी राहत और उम्मीद की खबर सामने आई है। करीब एक दशक (10 साल) से लंबित कटनी-गुमला नेशनल हाईवे परियोजना के तहत पत्थलगांव से कुनकुरी तक की 65 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। लगभग 125 करोड़ रुपए की लागत वाली इस सड़क के निर्माण का ठेका जशपुर से जुड़े विनोद कुमार जैन कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला है। दिल्ली स्थित एनएचएआई (NHAI) मुख्यालय में कंपनी ने 10 जून को अनुबंध की प्रक्रिया पूरी कर ली है।

अनुबंध के अगले ही दिन शुरू हुआ काम
विशेष बात यह है कि 10 जून को एनएचएआई के साथ अनुबंध की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद, अगले ही दिन 11 जून से निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जिले के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी लंबे समय से चाहते थे कि इस सड़क का निर्माण कार्य किसी सक्षम एजेंसी को मिले, ताकि वर्षों से अधूरी पड़ी इस महत्वपूर्ण परियोजना को गति मिल सके।
कंपनी ने जताई उम्मीद: 18 महीनों में पूरा कर देंगे काम
अनुबंध के आधिकारिक नियमों के अनुसार इस निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 24 महीने का समय निर्धारित किया गया है। हालांकि, विनोद कुमार जैन कंस्ट्रक्शन कंपनी ने दावा किया है कि वे इस सड़क निर्माण को महज 18 महीने के भीतर ही पूरा कर लेंगे। कंपनी के प्रतिनिधि मुकेश जैन ने बताया कि यह टेंडर 25 प्रतिशत कम दर (बिलो रेट) पर प्राप्त किया गया है।
लोगों में जगी नई उम्मीद, गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता
मुकेश जैन ने बताया कि वर्तमान में कंपनी की पहली प्राथमिकता पूरी सड़क को आवागमन के लिए सुरक्षित और सुगम बनाना है। हाल ही में हुई बारिश के कारण कुनकुरी-पत्थलगांव मार्ग पर लंबा जाम लग गया था, जिससे वाहन घंटों फंसे रहे। ऐसे में सबसे पहले पुल-पुलियों के क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्गों की मरम्मत कर उन्हें यातायात योग्य बनाया जा रहा है।
जशपुर के लोगों में इस बात को लेकर नई उम्मीद जगी है कि अब न केवल निर्माण कार्य समय पर पूरा होगा, बल्कि इसकी गुणवत्ता से भी कोई समझौता नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि जशपुर में इसी कंपनी द्वारा एनटीपीसी (NTPC) लारा के सीएसआर (CSR) मद से 35 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से 'कल्याण आश्रम अस्पताल' के छह मंजिला भवन का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता और कार्य की गति की प्रशंसा स्वयं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी कर चुके हैं।
कई दशकों से जर्जर सड़क का खमियाजा भुगत रहे थे जिलेवासी
जशपुर जिले में सड़कों की बदहाली का खामियाजा लोग कई दशकों से भुगत रहे हैं। दस साल पहले लगभग 350 करोड़ की परियोजना से कटनी-गुमला नेशनल हाईवे सड़क में पत्थलगांव से लेकर कुनकुरी तक 65 किलोमीटर नई सड़क का निर्माण किया जाना था। जानकारी के अनुसार, शुरुआत में 'जीवीआर' नामक कंपनी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन आर्थिक कारणों से वह कंपनी लंबे समय तक टिक नहीं पाई।
इसके बाद पिछले दस सालों के अंतराल में 10 से भी अधिक ठेकेदार बदले जा चुके हैं, लेकिन सड़क की हालत जस की तस बनी रही। वर्तमान स्थिति यह है कि पत्थलगांव से कुनकुरी तक का सफर तय करना लोगों के लिए जान जोखिम में डालने जैसा है। वर्ष 2016 में केंद्र सरकार द्वारा अंबिकापुर से पत्थलगांव, पत्थलगांव से कुनकुरी और कुनकुरी से जशपुर बॉर्डर तक 1200 करोड़ की परियोजना से तीन महत्वपूर्ण सड़कों को बनाने का काम स्वीकृत किया गया था, लेकिन इस लंबे अंतराल के बाद भी आज 10 किलोमीटर सड़क भी ठीक से चलने लायक नहीं बन पाई थी। अब नई कंपनी के आने से लोगों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिलने की उम्मीद है।


