जशपुर में किसानों की आय बढ़ाने FPO होंगे मजबूत, ओएनडीसी (ONDC) डिजिटल मार्केट से जुड़ेंगे उत्पाद
कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में DMC की बैठक: निष्क्रिय BOD बदलने और काजू छिलका तेल जैसी नवाचार मशीनों के लिए दिए निर्देश
जशपुरनगर, 13 जून 2026। जशपुर जिले में किसानों की आय में वृद्धि करने, कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार दिलाने और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को आत्मनिर्भर व व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने के लिए जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति (DMC) की अहम बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में भारत सरकार की 10,000 नवीन FPO योजना के तहत जिले में संचालित संगठनों की प्रगति, वित्तीय स्थिति और संस्थागत सुदृढ़ीकरण की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, उप संचालक कृषि, विभागीय अधिकारी, सीबीबीओ प्रतिनिधि और FPO के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
निष्क्रिय निदेशक मंडल (BOD) पर नाराजगी, होगा पुनर्गठन
समीक्षा के दौरान कुछ FPO में निदेशक मंडल (BOD) के निष्क्रिय पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नियमानुसार विशेष सामान्य सभा आयोजित कर BOD के पुनर्गठन की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्य की जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ कृषि एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को सौंपी गई है।
काजू छिलका तेल और कटहल चिप्स जैसे नवाचारों पर जोर
बैठक में जशपुर के FPO को उच्च मूल्य वाली फसलों और वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष रणनीति बनी:
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मनोरा FPO: मधुमक्खी पालन, मिर्च और टमाटर उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही नाशपाती उत्पादक किसानों को FPO के माध्यम से कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से जोड़ने की कार्ययोजना बनेगी।
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दुलदुला FPO: कटहल चिप्स निर्माण, काजू प्रसंस्करण और काजू छिलका तेल (CNSL) उत्पादन जैसे नवाचार होंगे। दुलदुला में काजू छिलका तेल निष्कर्षण मशीन स्थापित करने के लिए कृषि अवसंरचना निधि (AIF) के तहत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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कुनकुरी FPO: कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने हेतु डीपीआर (DPR) तैयार की जाएगी।

ONDC प्लेटफॉर्म से मिलेगा राष्ट्रीय डिजिटल बाजार
कलेक्टर श्री व्यास ने जिले के सभी FPO का ओएनडीसी (ONDC) प्लेटफॉर्म पर पंजीयन कराने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय किसानों के उत्पादों को देश स्तर का डिजिटल बाजार मिल सके। इसके साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को भी FPO से जोड़कर उनके उत्पादों के ऑनलाइन विपणन को बढ़ावा दिया जाएगा।
फंडिंग के लिए नाफेड (NAFED) को लिखा जाएगा पत्र
प्रबंधन लागत सहायता (मैनेजमेंट कॉस्ट) की समीक्षा में पाया गया कि पूर्व में कार्यरत सीबीबीओ की लापरवाही के कारण कुछ FPO को केवल पहली किस्त ही मिल पाई है। समिति ने इस संबंध में नाफेड को पत्र भेजकर विशेष परिस्थितियों में शेष सहायता राशि जारी करने का अनुरोध करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पात्र FPO को अधिकतम इक्विटी ग्रांट दिलाने के लिए विशेष सदस्यता अभियान चलाया जाएगा।
15 से 18 जून तक विकासखंड स्तर पर होंगी विशेष बैठकें
FPO की समस्याओं के निराकरण, सदस्यता विस्तार और व्यावसायिक गतिविधियों की जमीनी समीक्षा के लिए 15 से 18 जून 2026 तक विकासखंड स्तर पर विशेष बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में कृषि विभाग, सीबीबीओ और एनआरएलएम के अधिकारी संयुक्त रूप से शामिल होंगे।
कलेक्टर का संदेश: "किसान उत्पादक संगठन (FPO) किसानों की आय बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। इसके जरिए किसानों को बेहतर बाजार, आधुनिक तकनीक और नए व्यावसायिक अवसर मिलेंगे। सभी अधिकारी आपसी समन्वय से FPO को सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाएं ताकि जिले के किसान संगठित होकर अधिक लाभ कमा सकें।"


