जशपुर में मतदाता सूची पुनरीक्षण पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार, दावा-आपत्ति अवधि में नहीं मिला कोई आवेदन: उप जिला निर्वाचन अधिकारी

जशपुर में मतदाता सूची पुनरीक्षण पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार, दावा-आपत्ति अवधि में नहीं मिला कोई आवेदन: उप जिला निर्वाचन अधिकारी

खबर के मुख्य बिंदु (Bullet Points):

  • प्रशासनिक स्पष्टीकरण: जिला निर्वाचन कार्यालय ने मतदाता सूची से नाम विलोपन के संबंध में प्रकाशित भ्रामक खबरों पर वास्तविक स्थिति साफ की।

  • पारदर्शी प्रक्रिया: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के दिशा-निर्देशों के तहत संपन्न हुआ।

  • घर-घर गणना: BLOs ने 4 नवंबर से 18 दिसंबर 2025 तक घर-घर जाकर डेटा जुटाया और BLO ऐप में दर्ज किया।

  • राजनीतिक दलों की सहमति: पूरी प्रक्रिया के दौरान सांसद, विधायक और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ पाक्षिक बैठकें कर जानकारी साझा की गई।

  • दावा-आपत्ति शून्य: 23 दिसंबर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक चली दावा-आपत्ति अवधि में किसी भी दल या मतदाता ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी।

विस्तृत समाचार:

जशपुरनगर, 13 जून 2026। जशपुर जिले में मतदाता सूची से नाम विलोपन को लेकर मीडिया में आई खबरों पर जिला निर्वाचन कार्यालय ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत किया गया है। समाचार पत्र में प्रकाशित तथ्य जमीनी हकीकत के विपरीत हैं।

चरणबद्ध तरीके से हुई कार्रवाई निर्वाचन विभाग के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा 4 नवंबर 2025 से 18 दिसंबर 2025 तक घर-घर जाकर गणना पत्रकों का वितरण और संकलन किया गया था। इस जानकारी को बीएलओ ऐप में दर्ज करने के बाद, 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि मानकर 23 दिसंबर 2025 को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया।

सुनवाई का दिया गया पूरा मौका प्रारंभिक प्रकाशन के बाद 23 दिसंबर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया था। इस लंबी अवधि में किसी भी राजनीतिक दल, जनप्रतिनिधि या आम मतदाता की ओर से कोई दावा-आपत्ति नहीं आई। विभाग ने साफ किया कि अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के नाम हटाने से पहले उन्हें विधिवत नोटिस जारी किए गए थे। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण (ERO) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) द्वारा बकायदा सुनवाई का पर्याप्त अवसर देने के बाद ही नियमानुसार विलोपन की कार्रवाई की गई।

बैठकों में दी जाती रही जानकारी, 21 फरवरी को हुआ अंतिम प्रकाशन अभियान के दौरान जिले के माननीय सांसद, विधायक और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में नियमित रूप से हर पखवाड़े (पाक्षिक) बैठकें आयोजित की गईं। सभी को हर गतिविधि की लाइव जानकारी दी गई। इसके बाद ही 21 फरवरी 2026 को सभी दलों की उपस्थिति में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया था। जिला निर्वाचन कार्यालय ने दोहराया है कि पुनरीक्षण की समस्त कार्यवाही पूरी तरह से निर्वाचन आयोग के प्रावधानों के अनुरूप और पारदर्शी रही है।

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