जशपुर: छात्रावास और आश्रमों की बदलेगी तस्वीर, कलेक्टर रोहित व्यास के सख्त निर्देश; स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य

जशपुर: छात्रावास और आश्रमों की बदलेगी तस्वीर, कलेक्टर रोहित व्यास के सख्त निर्देश; स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य

शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारी: सुरक्षा, स्वच्छता और अनुशासन पर प्रशासन का विशेष जोर; अधीक्षकों को परिसर में ही रहने के निर्देश।

जशपुरनगर: जशपुर जिला प्रशासन ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कमर कस ली है। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित एक अहम समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने छात्रावासों, आश्रमों, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों और प्रयास आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया है कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक की मुख्य बातें और कलेक्टर के कड़े निर्देश:

  • स्टाफ का पुलिस सत्यापन: कलेक्टर ने आदेश दिया है कि छात्रावास और आवासीय संस्थाओं में कार्यरत सभी अधिकारी-कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से पूरा कराया जाए।

  • 100 मीटर का दायरा 'नो टोबैको जोन': परिसरों के आसपास नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए 100 मीटर की परिधि को 'नो टोबैको जोन' घोषित किया जाएगा और बोर्ड लगाए जाएंगे।

  • अधीक्षकों की अनिवार्य उपस्थिति: हॉस्टल अधीक्षकों को परिसर में ही निवास करने और विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य व अनुशासन की पूरी जिम्मेदारी लेने के निर्देश दिए गए हैं।

  • डिजिटल निगरानी: छात्रों की सुरक्षा के लिए प्रतिदिन तीन बार उपस्थिति दर्ज होगी। विकासखंड वार व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से फोटो भेजकर उपस्थिति का सत्यापन किया जाएगा।

  • बुनियादी सुविधाओं में सुधार: सत्र शुरू होने से पहले मरम्मत, पेयजल, बिजली, शौचालय और सेप्टिक टैंक की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। बिस्तर, चादर और गद्दों की नियमित सफाई के साथ ही हर 15 दिन में वस्त्र धुलाई का नियम लागू होगा।

  • संवाद और समन्वय: अभिभावकों के साथ नियमित संवाद के लिए मासिक 'पालक-बालक सम्मेलन' आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • निरीक्षण का आदेश: मंडल संयोजकों को एक महीने के भीतर अपने क्षेत्र की शत-प्रतिशत संस्थाओं का दौरा कर भोजन, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था की रिपोर्ट देनी होगी।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर: कलेक्टर श्री व्यास ने सिर्फ अनुशासन ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के खेलकूद, योग, सांस्कृतिक गतिविधियों और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान देने को कहा है। इसके साथ ही छात्रावासों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है।

प्रशासन की इस सक्रियता से उम्मीद है कि जिले के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को अब पहले से अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और अनुशासनयुक्त माहौल मिलेगा।