बड़ी खबर: इतिहास में पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेगा जशपुर, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना!

बड़ी खबर: इतिहास में पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेगा जशपुर, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना!

धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को मिली मंजूरी; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से वर्षों का सपना हुआ साकार।

जशपुरनगर / पत्थलगांव: जशपुर जिले के विकास के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने राजपत्र (Gazette) जारी कर धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को 'विशेष रेल परियोजना' के रूप में अधिसूचित कर दिया है।

लगभग 291.881 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन के साथ ही जशपुर जिला अब पहली बार सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है। यह रेल रूट रायगढ़ के धरमजयगढ़ से शुरू होकर जशपुर के पत्थलगांव होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष व भागीरथी प्रयासों से अंचल की दशकों पुरानी मांग आखिरकार पूरी होने जा रही है।

???? इस ऐतिहासिक परियोजना से कैसे बदलेगी जशपुर की तस्वीर?

  • कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव: अब तक सिर्फ सड़क मार्ग पर निर्भर रहने वाले जशपुर के लोगों को अब सुरक्षित, सुलभ और सस्ता सफर नसीब होगा।

  • किसानों और व्यापारियों की चमकेगी किस्मत: जशपुर के जैविक उत्पाद, सुगंधित धान, मक्का और ताजी सब्जियों को अब सीधे देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा सकेगा, जिससे किसानों की आय दोगुनी होगी।

  • पर्यटन और रोजगार को लगेंगे पंख: जिले के खूबसूरत जलप्रपातों और धार्मिक स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच आसान होगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के सैकड़ों नए अवसर पैदा होंगे।

  • बेहतर शिक्षा और इलाज की राह होगी आसान: उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने वाले छात्र-छात्राओं और गंभीर मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों तक पहुंचने में अब कोई दिक्कत नहीं होगी।

अधिसूचना लागू, क्षेत्र में जश्न का माहौल: रेल अधिनियम 1989 के तहत इस राष्ट्रीय अवसंरचना परियोजना को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस खबर के सामने आते ही पत्थलगांव, कांसाबेल, बगीचा सहित पूरे जशपुर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इसे जिले की 'तकदीर बदलने वाली' उपलब्धि बताया है।